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Saturday, July 30, 2011

जय मसीह की,
अतः हे भाइयो , में परमेश्वर की दया स्मरण दिलाकर तुमसे आग्रह करता हूँ कितुम अपने शरीरो को जीवित , पवित्र और ग्रहण योग्य बलिदान करके परमेश्वर को समर्पित कर दो । यही तुम्हारी आत्मिक आराधना है। - रोमियो १२: 1

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