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Monday, August 1, 2011

मांगो तो पाओगे



प्रभु यीशु के प्रिय और मधुर नाम में सभी भाई और बहनों को जय मसीह कि, आज परमेश्वर  का आत्मा जो मेरे द्वारा आप लोगो से कहना चाहता है वो उसके वचन से हमे बता रहा है सो आयिएहम उसके वचन में से देखे जो हमे मती रची सुसमाचार ७: ७ - ८ में लिखा है " मांगो तो तुम्हे दिया जायेगा , ढूढ़ो तो तुम पाओगे , खटखटाओ तो तुम्हरे लिए खोला जायेगा। क्युकी जो मांगता है उसे मिलता है , और जो ढूढता है वह पता है , और जो खटखटाता है उसके लिए खोला जायेगा। "

आज परमेश्वर इस वचन क द्वारा आपसे और मुझसे कुछ कहना चाहता है मेरे प्रियो थोड़ी देर के लिए आप सोचे जब कभी आप परमेश्वर से प्राथना करते है तो आप क्या कहते है उससे हम अपनी प्रथ्नाओ में केवल उससे मांगते है धन्यवाद देना तो दूर कि बात है लेकिन क्या अपने कभी ये सोचा कि आप जो मांगते है उसे मांगने कि जरुरत है ? या फिर जो आप मांग रहे है क्या वो सही है ? या फिर क्या आपने परमेश्वर कि इच्छा से माँगा है ? मेरे प्रियो थोड़ी ही देर में ये सवाल सामने आ गए और जब आप इन पर विचार करेंगे तो खुद इन बातो में उलझ जायेंगे कि आप क्या मांग रहे है। इसलिए परमेश्वर अपने वचन के द्वारा हमसे बातचीत करता है और (मत्ती ६: ३१, ३२) में हमसे कहता है कि तुम किसी बात कि चिंता न करो के क्या कहोगे और क्या पियोगे और क्या पहनोगे क्युकी वो हमारी आवशयकता को जानता है लेकिन हम प्रतिदिन यही सारे बाते परमेश्वर से अपनी प्रथ्नाओ में कहते है क्या हमे इन सब बातो को कहने कि जरुरत है ? मेरे प्रिय ये हमारी जरुरत हमारे पिता को मालूम है इसलिए यीशु मसीह ने आकाश में उड़ने वाले पंछियों को दिखाते हुए कहा कि इन्हें देखो ये किसी बात कि चिंता नै करते बीएस दिन रात परमेश्वर कि महिमा करते है। मेरे प्रिय अब प्रश्न ये है कि हम क्या मांगे परमेश्वर से यदि हम सुलेमान राजा को देखे तो उसने क्या माँगा परमेश्वर से "बुद्धि " मांगी क्या हम अपने जीवन में उससे ये माँगा ? नहीं ! हम तो बस अपने जीवन कि सुविधा कि चीज़े मांगते है हम स्वार्थी है केवल अपने बारे में सोचते है। एक बार हम उससे कहे कि पिता आप मुझे ज्ञान दीजिये बुद्धि दीजिये मेरे प्रिय जिस दिन अपने उससे ये मांग लिया sari चीज़े आपके पास खुद ही आ जाएँगी। सो प्रियो हमे उससे बुद्धि को मांगना है तब हमे सब कुछ मिल जायेगा।

दूसरी बात जो इस वचनमें लिखा है "ढूढ़ो तो तुम पाओगे" यहाँ भी एक प्रश्न है क्या ढूढना है ? एक बार फिर से विचार करे आपको अगर कुछ आज ढूढना है तो क्या ढूढएंगे ? नौकरी ? अच्छा घर ? अच्छा बैंक बैलेंस ? क्या हम कभी सोचते है कि ये बात क्यों लिखी गयी है कि ढूढ़ोगे तो पाओगे आखिर क्या ढूढना है ? मेरे प्रियो हमे यीशु मसीह को ढूढना है अपने जीवन में आगे वो मिल जाये तो सबकुछ मिल जायेगा लेकिन हम हमेशा सांसारिक चीज़े मांगते और ढूढते है हम कभी ये नहीं सोचते कि अगर में अपने जीवन में यीशु को ढूढ लूँ तो मुझे सब कुछ मिल जायेगा ढूढइए उसे अपने जीवन में वो चाहता है यही वो आपको भुत साडी आशीषे देना चाहता है। क्या पाने अपने जीवनमें उसे पा लिया है मेरे प्रियो जिसने यीशु मसीह को पा लिया उसने अपने जीवन में साडी आशिशो को पा लिया अब उसे कोई कमी नहीं है अब उसका कुछ नहीं घूमेगा जिसे वो ढूढऐ अब उसके पास सब कुछ आ गया वो ख़ुशी से कहता है मेरे पास यीशु है मेरा यीशु अब मुझे कोई घटी नहीं है कुछ नहीं घुमा है मेरे पास से। सो हम इस बात को स्मरण रखे कि हमे सिर्फ और सिर्फ यीशु मसीह को ढूढना है और उसके साथ हमे भुत साडी चीज़े जो मिलती है (मत्ती ६:३२- ३३) में लिखा है कि हम उसके राज्य को भी खोजे तो हमे साडी वस्तुए मिल जाएँगी सो हम उसके राज्य और धार्मिकता को खोजे उसे ढूढने कि कोशिश करे। हमे सब मिल जायेगा।

तीसरी और अंतिम बात जो बहुत ही महत्वपूर्ण है वो है "जो खटखटाता है उसके लिए खोला जायेगा " । यहाँ भी एक प्रशन है कहा खटखटाए ? मेरे प्रियो यदि आप (प्रकाश्तिवाक्य ३:२० ) को पढ़े तो वह परमेश्वर के वचन में लिखा है "देख , मैं द्वार पर खड़ा खटखटाता हूँ। यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोले तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ। " यहाँ पर खटखटाने वाला यीशु मसीह है वो तो तैयार खड़ा है लेकिन क्या आप तैयार है क्या आप नहीं चाहते कि जब आप उसके दावर पर दस्तक दे तो वो द्वार खोले मेरे प्रियो हम लेकिन हमेशा गलत द्वार पर दस्तक देते है जो हमे नाश कि और ले जाती है अतः हम इस संसार क वश में होकर रह गए है हम शैतान क द्वार पर खटखटाते है और विनाश कि और जाते है मेरे प्रिय यीशु मसीह बार बार हमारे ह्रदय में दस्तक देते है वो अन्दर आना चाहते है लेकीन हम उन्हें नहीं आने देते और वो हमेशा अपने द्वार पर हमारी राह ताकते है कि कब हम उनके पास जायेंगे और उसके द्वार पर खटखटाएंगे और वो द्वार खोले और हमे अपने पास बुलाये मेरे प्रियो हम गीत तो गाते है मेरे दिल क द्वार पर यीशु खटखटाता खोलू में दरवाजा वो है आना चाहता तो मेरे प्रियो एक राज़ कि बात बताना चाहती हूँ वो आता तो हमारी मर्जी से है लेकिन जाता अपनी मर्जी से है अगर आपने उसे बुलाया है और उसने अपना द्वार खोला है तो वो बंद भी कर सकता है क्युकी जब हम उसे अपने जीवन में स्थान नहीं देते तो वो हमारे जीवन से चला जाता है। फिर हम कितना भी उसके द्वार को खटखटाए वो द्वार नहीं खोलता मेरे प्रियो आपको और मुझको उन ५ मुर्ख स्त्रियों कि तरह नहीं बनना है, कि जब दूल्हा आया तो वो बाजार तेल लेने चली गयी और जब वापस आई तब द्वार बंद हो चूका था फिर वो दरवाजे पर दस्तक देती रही लेकिन एक शब्द उन्हें सुनने मिला कि हम तुम्हे नहीं जानते। सो मेरे प्रियो जब हम खटखटाए तो जब द्वार खुले तो उसके पास जाये उसके साथ बात करे उसके साथ भोजन करे वो हमसे बात करना चाहता है वो हमारे साथ भोजन करना चाहता है उसे बुला लीजिये आज वो चाहता है कि वो हमारे पास आये उसे जाने न दे अपने जीवन से हाँ वो द्वार खोलता है एक बार तो खटखटाओ वो जरुर खोलेगा दरवाजा वो तुम्हारे साथ होगा।

मेरे प्यारे भाइयो और बहनों मेरी आप सबके लिए ये दुआ है परमेश्वर से कि वो इस वचन के द्वारा आप लोगो से बात करे और ये वचन आपके जीवन में आशिशो को ले आये मांग लीजिये उससे बुद्धि वो देगा ढूढलो उसको वो मिल जायेगा और जब वो मिल जायेगा तो जब उसके द्वार पर खात्ख्ताओगे तो वो जरुर खोलेगा और तुम उसके साथ होगे और वो तुम्हारे साथ।


मसीह यीशु में

आपकी बहिन निशा सिंह

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