
एक बार फिर से प्रभु यीशु के नाम से में यहाँ आप लोगो क मध्य उसके वचन को लेकर आई हूँ। आज जिस वचन के द्वारा परमेश्वर हमसे जो बाते कहना चाहता है वो हमें पवित्र धर्मशास्त्र से १ पतरस २: ९ में मिलता है यहाँ परमेश्वर के वचन में इस प्रकार लिखा हुआ है "परन्तु तुम एक चुना हुआ वंश , और राज- पदधारी याजकों का समाज , और पवित्र लोग , और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो , इसलिए कि जिसने तुम्हे अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है , उसके गुण प्रकट करो। " ये परमेश्वर द्वारा दिया गया एक ऐसा वचन है जो हमे हमारे अधिकार को बताता है , और हमे ये भी बताता है कि परमेश्वर हमे कौन सी जगह देना चाहते है क्या आपने कभी इन बातो पर विचार किया कि वो हमे किस स्थान पर रखना चाहता है? या फिर क्या हम इन दिए गए स्थानों में से किसी एक स्थान में भी आते है ?
मेरे प्रियो यहाँ इस वचन में कुछ बाते है जो हमे बहुत ध्यान से पढना और समझना है ताकि हम उसकी बातो को भली भांति समझ सके। मेरे प्रियो इस वचन में जो बाते है वो इस प्रकार से है : "चुना हुआ वंश " " राज - पदधारी याजको का समाज " " पवित्र प्रजा " " परमेश्वर कि निज प्रजा " ये वो चार नाम है या स्थान है जो परमेश्वर हमे देना चाहते है। क्या आप इन चार स्थानों में से अपने आपको कही देखते है कि परमेश्वर पिता आपको वो स्थान देंगेमेरे प्रियो इन चार स्थान में से किसी एक स्थान को पाना हमारे जीवन के लिए बहुत बड़ी बात है।
मेरे प्रियो क्या हम उसके "चुने हुए वंश" में आते है आज इस बात पर विचार करे। हम अब्राहम पर विचार करे कैसे परमेश्वर ने उसके वंश को बढाया और ये और चुन लिया कि ये मेरे लोग है कहकर। यदि आप यश्याह ४३:२१ को पढ़े तो वह लिखा है कि उसने प्रजा को अपने लिए बनाया है कि वे उसका गुणानुवाद करे। मेरे प्रियो वो हमे कैसे चुनता है क्या अपने कभी सोचा यदि नहीं तो यिर्मयाह १:४, ५ में लिखा है "तब परमेश्वर का यह वचन मेरे पास पंहुचा , गर्भ में रचने से पहले ही मैंने तुझ पर चित लगाया, और उत्पन होने से पहले ही मैंने तेरा अभिषेक किया ; " मेरे प्रियो परमेश्वर हमे हमारे माता क गर्भ में आने से पहले ही चुन लेता है। क्या आप अपने विषय में जानते है क्या आपको मालूम है कि आप में से कौन माता क गर्भ में आने से पहले ही चुन लिया गया ? हमे इस बात कि जानकारी होना जरुरी है कि हम चुने हुए है या नहीं मेरे प्रियो मनुष्य के चुनने में और परमेश्वर क चुने हुए होने में बहुत अंतर है । जब कोई पादरी बनता है तो उसका अभिषेक बिशप करता है लेकिन जिसको परमेश्वर चुनता है उसका अभिषेक वो उसके माँ क गर्भ में आने से पहले ही कर देता है। मेरे प्रियो हम अपने आप को पहचाने कि हम उसके चुने हुए वंश है अगर अब तक न जाना हो तो पूछिए उससे हे पिता क्या हम चुने हुए है क्या तुने मुझे अपने चुने हुए वंश में रखा है ? यदि आप उसके वंश में है तो प्रभु आपको आशीष दे लेकिन नहीं है तो पूछिए आखिर क्या बात है जो उसके वंश से आपको अलग कर रही है और उस बात को जानकर उससे अपने जीवन से दूर करे ताकि आप परमेश्वर के नजदीक आ सके और उसके वंश में शामिल हो सके।
दूसरा स्थान "राज - पदधारी याजको का समाज" कितना बड़ा स्थन है ये भी मेरे प्रियो याजको का समज होना अपने आप में बहुत बड़ी बात है यदि आप निर्गमन १९: ६ देखे तो वह पर परेम्श्वर पिता कहते है "और तुम मेरी दृष्टि में याजको का राज्य और पवित्र जाती ठहरोगे " मेरे प्रियो वो हमे याजको का स्थान देना चाहते है। राज पदधारी यदि इस shabd का मतलब देखे तो किसी देश का कोई राजदूत जो दुसरे देश में रहकर अपने राज्य के बारे में बताये जानकारी दे ठीक इसी तरह परमेश्वर पिता चाहते है कि इस दुनिया में जब तक हम है उसके राजदूत बनकर रहे हम किस तरह उसके दूत है इस बात कि जानकारी हमे यश्याह ६१: ६ में भी पढने और समझने के लिए मिलती है । हम याद रखे कि हम उसके राजदूत भी हो सकते है।
तीसरा स्थान मे मिलता है "पवित्र प्रजा " अबए विचार करे क्या हम इस नाम क वारिस है क्या हम उसके पवित्र लोगो में आते है मेरे प्रियो यदि नहीं आते तो अभी समय है कि जैसा वचन में लिखा है १पतरस १:१६ में तुम पवित्र बनो , क्युकी मैं (परमेश्वर) पवित्र हूँ । " सो मेरे प्रियो जैसा वो पवित्र है हमे भी पवित्र होना होगा। ये tisri बात है जो हमे उस तक पहुचायेगी और उसकी चुनी हुई प्रजा में शामिल होने देगी।
सबसे अंतिम बात जो यहाँ उसकी प्रजा में शामिल होने क लिए कहता है वो है परमेश्वर कि निज संपत्ति होना कहने का मतलब है उसका ऐसा भाग जो केवल उसका है किसी और का नहीं ये चारों बातें आपस में जुडी हुई है इन में से एक भी बाते उसकी प्रजा होने के लिए बहुत जरुरी है निज प्रजा एक ऐसी प्रजा या ऐसे लोग जो बहुत बड़े नहीं है लेकिन हाँ वो हमेशा अपने पिता परमेश्वर को याद करते है उसकी महिमा का गान करते है। याद रखे यदि हमे उसकी प्रजा में शामिल होना है तो हमारे अंदर ये सारी बातें होनी चाहिए क्यूंकि केवल वही है जो हमे अपनी प्रजा में शामिल करेगा उसको छोड़ कोई नहीं।
सो आये हम अपने आपको जाचेक्या हम इस योग्य है क्या हमे ये नाम दिए गए है यदि हाँ तो मेरा नाम क्या है क्या में इस चुने हुए प्रजा में हू ? मेरे प्रियो अज इस वचन को आप लोगो तक लेन में मुझे बहुत परेशानी हुई या यु कहू शैतान ने आज बहुत प्रेस किया कि अप लोगो तकये वचन न पहुचे लेकिन मैंने अपने समर्थि परमेश्वर से दुआ किया और कहा शइतन के सरे बंधन नाश हो जाये और दुआ करने क १० मिनट बाद से में इसे आप लोगो तक पंहुचा प् रही हूँ। प्रभु में आशीषित मेरे भाई और बेहनो ये वचन आपके जीवन में कार्य करे और आपको सहायता प्रदान करे ये जन्नाने में कि आप उसके वंश है या नहीं और यदि है तो आपको परमेश्वर ने कौनसा स्थान दिया है।प्रभु आप sabho कि सहायता करे।
मसीह यीशु में आपकी
बहिन निशा सिंह
Amen ....very nice sister ji God bless you
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